लगा कर इश्क की बाजी सुना है रूठ बैठे हो,
जैसे मुझसा बुरा दुनिया में कोई और नहीं।
शहर ज़ालिमों का है साहब, जरा संभल कर चलना,
दिल तोड़कर… सजदों में आँसू बहा रहे हैं।
पर किसी ने उसके चेहरे से वो हँसी ही छीन ली,
ना मेरा यार अपना था, ना मेरा प्यार अपना था, काश ये दिल मान लेता ये सब सपना था…!!!
खाकर ठोकर Sad Shayari in Hindi ज़माने की, फिर लौट आए मैखाने में,
मैं फिर से निकलूंगा तेरी तलाश मैं ए-जिंदगी,
दिल को छू लेने वाली शायरी वह होती है जो किसी के भी दर्द, तन्हाई या इमोशन से जुड़ जाए।
थक चुका हूँ ज़िन्दगी का ये रवैया देखकर।
न जाने तन्हाई में कितने अश्क बहाते हैं।
तेरी यादों के जख़्म और गहरे हो जाते हैं।
ना वो हमारा हो सका ना प्यार दोबारा हो सका..!!
वरना कुछ पल का साथ तो जनाजा उठाने वाले भी देते है…!